Thursday, February 01, 2007

अजामिल - भाग ३ - तृतीय (" पारस -स्पर्श" )


बाबाजी ने राम चरित मानस मेँ एक जगह गाया है कि,

" गणिका अजामिल व्याध गीध गजादि खल तारे घना "

-- तो चलिये,

नारी पात्रोँ की कथाओँ मेँ हम एक पुरुष "अजामिल " की कथा से परिचित हो लेँ ...

यह अजामिल कौन था ?

तो सुनिये, वह एक ब्राह्मण पुत्र था -

अजामिल के पिता ने उसे जँगल ,समिधा मेँ उपयोगी, लकडी काट कर लाने के लिये भेजा -

वहीँ जँगल मेँ उसने एक बडी सुँदर शूद्र स्त्री देखी

- उसे देखते ही वह अपना सब कुछ भूलकर, जँगल मेँ अपनी गृहस्थी बसाकर रहने लगा !

उसे कई बालक हुए --

पुराने ब्राह्मण सँस्कार तो थे ही, सो बडे बेटे का नाम उसने "नारायण" रख दीया - वर्ष बीतते गये अजामिल ८७ वर्ष का बूढा हुआ

- यमदूत एक दिन उसकी आयु पूरी हुई तो सामने आये

- तब घबरा कर, अजामिल जोर जोर से अपने पुत्र को आवाज देने लगा

-" नारायण ...नारायण .." वो चिल्लाया ..

अब क्या था, परम दयालु ईश्वर श्री हरि, नारायण वहाँ उसकी आर्त पुकार सुनकर प्रकट हो गए !

महाविष्णु की एक जबर्दस्त हुँकार सुनकर सारे यमदूत भाग खडे हुए !

अब अजामिल भगवान के चरणोँ पे गिर पडा !

प्रभु का नाम स्मरण व स्पर्श " पारस -स्पर्श" साबित हुआ

- अजामिल को सँसार से मुक्ति मिली -
अजामिल को सँसार असार लगा उसके मनमेँ विरक्त्ति आई

- गँगा नदी के तट पर, अनेक वर्ष तपस्या करने के बाद, अजामिल ने विष्णु पद पाया

-कलियुग मेँ एक ही औषधि है, अपने इष्ट के नाम का बार बार स्मरण करो !

सब जानत प्रभु प्रभुता सोई,

तदपि कहे बिन रहा न कोई !

राम सीया राम जय जय राम सीया राम


(अगले भाग मेँ एक स्त्री कथा के साथ , फिर , हाजिर रहूँगी _

7 Comments:

Blogger Udan Tashtari said...

बहुत ज्ञानवर्धक जानकारी. बेटे का नाम बदल कर अनुपम की जगह नारायण रखने की सोच रहा हूँ, आपका क्या विचार है इस विषय में. :)

7:21 PM  
Blogger लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

उडनतश्तरी पे सवार हो तब भी "पाइलट बाबा " को नाम स्मरण भी करना ही पडेगा -
;-)
और इस आदेश की प्रतीक्षा करेँ ~
" कृपया अपनी रक्षा पट्टी को मजबूती से बाँध लेँ - वायुयान तैयार है ! "

7:39 PM  
Blogger Dr.Bhawna Kunwar said...

This comment has been removed by the author.

1:15 AM  
Blogger Dr.Bhawna Kunwar said...

:) :) Yours Comments.

1:17 AM  
Blogger NARAYEN said...

katha adhoori he

7:02 AM  
Blogger NARAYEN said...

katha adhoori he

7:19 AM  
Blogger yogesh said...

I think this story is to befool people or teach the people how to befool god. According to story Ajamal went to heaven after calling his son's name 'NARAYAN'. This shows god could not understand that he has called his son instead he understood that he has called him. This shows that god is either stupid or is a politician who wants many followers. Yogesh

8:35 AM  

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